स्वागत है आपका हमारे इस attitude shayari in English Hindi वाले ब्लॉग पर । यह कहना गलत नहीं होगा की हर इंसान में attitude होता है और होना भी चाहिए लेकिन यह attitude से तात्पर्य अपने स्वाभिमान से है किसी भी हालत में हमे अपना स्वाभिमान खोना नहीं चाहिए। कई लोगो की इसके प्रति अलग अलग धारणाएं है ऐसे ही हम attitude से संबंधित attitude shayari in English Hindi लेके आए है आशा करता हूं की नीचे दिए गए attitude shayari in English Hindi आपको पसंद आयेगे आप इन्हे अपने सज्जनों को शेयर बटन की सुविधा से किसी भी सोशल मीडिया में शेयर कर सकते है।
attitude shayari in english hindi
Ishq or hamara taluqq hua hi nhi,
Kyuki Ishq gulami chahta hai,
Or hum azadi
कोई सल्तनत नही है मेरे पास,
बस मेरा बाप ही मेरे लिये बादशाह है।
बस मेरा बाप ही मेरे लिये बादशाह है।
Koi Saltanat nahi hai mere pass,
Bas mera baap he mere liye badshah hai
Bas mera baap he mere liye badshah hai
थूक के चाटने की आदत नही हमारी,
एक बार दिल से निकाल दिया,
फिर वापस आने की औकात
नही तुम्हारी।
Thook ke chatne ki aadat nhi hamari,
Ekbaar dil se nikal diya,
Fir wapas aane ki aukat nhi tumhari…
हम अपनी धुन में चलने वाले परिंदा हैं।
Mujhe iss duniya se koi humdardi nhi hain,
Hum apni dhun mein chalne wale parinde hain…
एक वही तो रंग पसंद है मुझे
जो मुझे सामने देखकर,
तेरा उड़ता है।
Ek wahi rang toh pasand hain mujhe,
Jo mujhe samne dekhkar
tera udta hain..
जो मुझे सामने देखकर,
तेरा उड़ता है।
Ek wahi rang toh pasand hain mujhe,
Jo mujhe samne dekhkar
tera udta hain..
अकेला हूँ मगर बेसहारा नही हूँ।
Tuta hoon magar hara nhi hoon..
Akela hoon magar besahara nhi hoon.
रंग पहचानने लगे है,
तब से लोग हमें अपना दुश्मन
मानने लगे है।
Jabse hum logo ke asli
Rang pahchanne lage hain,
Tab se log hame apna dusman manne lage hai
सुन बे मेरी एक ही आदत है,
मैं मस्ती में चूर रहता हूं,
और लड़कियों से दूर रहता हूं।
Soon be meri ek hi aadat hain,
Main masti mein chur rahta hoon,
Aur ladkiyon se door rahta hoon..
सही को सही और गलत को गलत
कहनें की हिम्मत रखता हूं
इसलिए आजकल रिश्ते कम रखता हूं
Sahi ko sahi or galat ko galat kehne ki himmat rakhta hu
Isliye ajkal rishte kam rakhta hu
भाड़ में जाए लोग और लोगो की बातें,
हम तो वैसे ही जिएंगे
जैसे हम जीना चाहते है!
Bhad me jaye log or,
logo ki batein,
Hum to vaise hi jiyege
Jaise hum jeena chahte hai
अक्सर वही लोग उठाते हैं
हम पर उँगलियाँ,
जिनकी हमे छुने की औकात नहीं होती!
Aksar vahi log uthate hai
Hum par ungliya,
Jinki Hume chune ki okat nhi hoti
यूँ कतरे कतरे मे फायदा ना उठाओ,
कयामत आ जायेगी
जब हम बदमाशी पर होंगे!
Humari sharafat ka yuh katre katre me fayda na uthao
Kayamat aa jayegi jab hum baashi par honge
जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा।
Mehboob ka ghar ho ya farishto ki ho zami,
Jo shod Diya fir use mud kar nhi dekha.
लोग डुबाने के तरीके खोजते रह गए
और मैं ”तैरना” सिख गया!
Log dubane k tarike khojte reh gaye,
Or mai tairna sikh gya
आये हो निभाने
जब किरदार जमी पर
कुछ ऐसा कर चलो की जमाना मिसाल दे!
Aye ho nibhane jab kirdar
zami par,
Kuch aisa kar chalo ki zamana misal de
मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद,
वक़्त-बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं,
मेरी गली से गुजरते हैं छुपा के खंजर,
रुबरू होने पर सलाम किया करते हैं।
Mere dushman bhi mere murid hai shayad,
Vakt bewakt mera naam liya karte hai,
Meri gali se gujrte hai chupa k khanjar,
Rubaru hone par salam kiya karte hai
हमारे बारे में इतना मत सोचना
हम हर बार नये अंदाज में आते हैं...
Hamare bare me itna mat sochna,
Hum har baar naye andaz me atey hai
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